QR Code क्या है? – What Is QR Code In Hindi
QR Code का नाम तो आपने सुना ही होगा, लेकिन qr code क्या होता है, अगर आप इसके बारे में नहीं जानते तो in – short में आपको बता दू की qr code का पूरा नाम quick response code होता है, और यह एक square की तरह होता है, जिसके अंदर की information को आप सिर्फ scanner की help से ही Access कर सकते हो.
आपने अनेक स्थानों पर QR कोड का इस्तेमाल होता देखा होगा जैसे कि किसी मैगजीन या किसी पेपर पर या फिर और कहीं! क्योंकि QR कोड का इस्तेमाल विभिन्न इंडस्ट्रीज में कमर्शियल उद्देश्य से किया जाता है!
क्यूआर कोड की एक खासियत यह भी है कि इसका उपयोग विस्तृत है यहां तक कि हम टीशर्ट में भी क्यूआर कोड को भी देख सकते हैं! तथा क्यूआर कोड को स्कैन कर उसमें stored इंफॉर्मेशन को प्राप्त कर सकते हैं।
QR Code किसने बनाया?
QR code सिस्टम का पहली बार वर्ष 1994 में जापानी कंपनी Denso Wave द्वारा बनाया गया! QR कोड के आविष्कार का श्रेय DENSO WAVE के मुख्य developer Masahiro Hara को जाता है! उन्होंने QR सिस्टम का निर्माण मैन्युफैक्चरिंग के दौरान वाहनों को ट्रैक करने के लिए किया था!
QR Code का इतिहास? – History of QR Code in Hindi
जिस तरह विभिन्न तकनीकों का विकास उनकी जरूरत के आधार पर किया गया ठीक उसी तरह QR कोड की जरूरत को देखते हुए इसका विकास हुआ!
1960 के दशक में जब जापान की अर्थव्यवस्था तेजी से Grow कर रही थी! तब उन्हें लगा कि बाजार में खाद्य पदार्थ एवं कपड़ों कि बेहतर खरीद, बिक्री के लिए प्रोडक्ट्स की पैकिंग करना अनिवार्य हो चुका है! क्योंकि बारकोड आने से पहले कैशियर को मैनुअली सभी items को दर्ज करना होता था जिसमें काफी टाइम खर्च होता था। और इसीलिए सुपर मार्केट के शेयर के बोझ को कम करने के लिए एक POS सिस्टम बनाया गया।
इसे बारकोड का छोटा वर्जन भी कह सकते हैं! क्योंकि यह कंप्यूटर पर individual items को Scan कर रजिस्टर करने की अनुमति देता था! हालांकि समय के साथ सुपर मार्केट के लिए इतना काफी नहीं था क्योंकि यह बारकोड इंफॉर्मेशन के लगभग 20 अल्फान्यूमैरिक कैरक्टर्स को कलेक्ट कर सकता था! और सिर्फ एक डाइमेंशन पर कार्य करता था।
लेकिन QR कोड की शुरुआत वर्ष 1994 में हुई टोयोटा सहायक कंपनी Denso wave ने निर्माण प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए विकसित किया। जिसे QR कोड नाम दिया गया। दोस्तों क्योंकि सुपर मार्केट बारकोड की Limits को भली भांति जानते थे इसलिए वे इसे अधिक Versatile बनाना चाहते थे, ताकि इसमें अधिक इंफॉर्मेशन कलेक्ट हो सके!
इस कोड का इस्तेमाल वाहनों तथा वाहनों के पार्ट्स पर track अर्थात नजर बनाए रखने के लिए किया जाता था। इसे फास्ट डिकोडिंग के लिए डिज़ाइन किया गया था, इसलिए इसका नाम Quick रिस्पांस कोड रखा गया था। इसकी एक और मुख्य खासियत यह थी कि यह बारकोड की तुलना में 10 गुना अधिक तेजी से इनफॉरमेशंस को read कर सकता था।
वर्ष 1994 में Danso Wave द्वारा किए गए क्यूआर कोड के इस आविष्कार को बिना पेटेंट राइट्स के ही पब्लिक कर दिया। जिससे QR कोड का उपयोग न सिर्फ जापान में बल्कि अमेरिका, कनाडा जैसी विश्व की अनेक अर्थव्यवस्थाओं में हुआ तथा इसका उपयोग तेजी से फैल गया।
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QR कोड के फायदे?
versatility की वजह से QR कोड का इस्तेमाल सभी टाइप्स के डाटा (न्यूमेरिकल, बायनरी etc) को Encode करने के लिए किया जा सकता हैं। Fast इनकोडिंग स्पीड की मदद से क्यूआर कोड से fast scanning की जा सकती है।
क्यूआर कोड बड़ी मात्रा में डाटा को स्टोर करने में सक्षम होते हैं जिसे स्कैन करने पर एक बार में कई सारी जानकारियां प्राप्त की जा सकती हैं। स्कैनिंग Compatibility की वजह से QR code को किसी भी स्मार्टफोन की मदद से स्कैन किया जा सकता है.
यह कस्टमर और बिजनेस दोनों के लिए फायदेमंद है, इसीलिए बिजनेस में QR कोड का इस्तेमाल कर वेबसाइट या यूआरएल को ऐड किया जा सकता है। इसके अलावा Customers QR कोड को स्कैन कर इंफॉर्मेशन को स्टोर कर फ्यूचर में इसका फायदा ले सकते हैं।
Barcode vs QR Code in Hindi
हालांकि देखा जाए तो क्यूआर कोड बारकोड का कार्य एक ही होता है परंतु क्यूआर कोड के पास इंफॉर्मेशन स्टोर करने की क्षमता बारकोड की तुलना में काफी अधिक होती है। क्योंकि यह horizontally and vertically. सूचनाओं को स्टोर करने में सक्षम होते हैं।
दूसरी और बारकोड का इस्तेमाल अधिकतर सुपरमार्केट आइटम्स को स्कैन करने के लिए होता है, इसलिए इनका उपयोग वर्तमान समय में सीमित हो चुका है। जबकि QR कोड के पास इंफॉर्मेशन को ट्रांसफर करने की क्षमता बारकोड की तुलना में कई गुना अधिक होती है इसलिए QR कोड की Versatility की वजह से आज यह हर जगह पॉपुलर हैं।
QR Code के फ़ायदे – Types of QR Codes
बारकोड/ क्यूआर कोड कई प्रकार के होते हैं यहां पर कुछ मुख्य QR codes के टाइप की जानकारी दी गई हैं।
1. Micro QR Codes
यह QR codes सामान्य QR codes की तुलना में कम इंफॉर्मेशन स्टोर करते हैं! लेकिन क्यूआर कोड को विकसित करने में इनका मुख्य योगदान रहा है, Small आइटम्स को स्कैन करने के लिए यह उपयुक्त qr-code हैं। इनमें काफी कम सूचना ही स्टोर की जा सकती है।
2. FrameQR
वर्ष 2014 में इस क्यूआर कोड को विकसित किया गया था। इनको विकसित करने का उद्देश्य क्यूआर कोड स्कैन लुक में अधिक creativity लाना था अर्थात जिससे colors, Shape इत्यादि में परिवर्तन किया जा सके।
3. IQR Codes
जहां Typical QR कोड का आकार Squire shape में होता है वही QR code रैक्टेंगुलर शेप में होते हैं, तथा इसी Shape की वजह से पारंपरिक क्यूआर कोड से या माइक्रो क्यू आर कोड की तुलना में iqr code के पास डाटा को स्टोर करने की क्षमता काफी अधिक होती है।
QR Code कैसे बनाये?
Guys QR Code generate करना कोई मुश्किल काम नहीं है, ऐसे बहुत से online tools, websites हैं, जिसकी मदद से आप आसानी से अपना qr code create कर सकते हो.
1. सबसे पहले आपको http://www.qr-code-generator.com की साइट पर जाना है.

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